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Delhi Metro में वायरल हुआ ‘फोन चिपकाकर Reel’ बनाने का ट्रेंड, DMRC ने दी कार्रवाई की चेतावनी

दिल्ली मेट्रो में ट्रेन की खिड़की पर मोबाइल फोन लगाकर Reel शूट करने का ट्रेंड वायरल होने के बाद DMRC ने कंटेंट क्रिएटर्स को चेतावनी दी है। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि ऐसी गतिविधि यात्रियों को असुविधा या चोट पहुंचा सकती है और मोबाइल डिवाइस को भी नुकसान हो सकता है।

Delhi Metro में वायरल हुआ ‘फोन चिपकाकर Reel’ बनाने का ट्रेंड, DMRC ने दी कार्रवाई की चेतावनी
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब दिल्ली मेट्रो के लिए सुरक्षा और यात्री सुविधा का मुद्दा बन गई है। ट्रेन की खिड़की पर मोबाइल फोन लगाकर वीडियो शूट करने वाले एक नए Reel ट्रेंड पर Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने सख्त रुख अपनाया है।

DMRC ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को दिल्ली मेट्रो परिसर में इस तरह के वीडियो शूट नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि कोई क्रिएटर ऐसी शूटिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब फोन को मेट्रो की खिड़की से जोड़कर बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं। इनमें से दिल्ली के एक क्रिएटर Nikhil Kochar की Reel ने 13.5 करोड़ से अधिक views हासिल किए और इसके बाद इसी तरह के वीडियो बनाने का सिलसिला तेज हुआ।

DMRC ने क्या कहा?

DMRC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसकी नजर में ऐसे मामले आए हैं जिनमें सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स मेट्रो ट्रेन की खिड़कियों पर मोबाइल फोन लगाकर चलती ट्रेन के साथ वीडियो बना रहे हैं।

इस पर संभावित खतरे की ओर ध्यान दिलाते हुए DMRC ने कहा:

“This act can cause inconvenience or even injury to other passengers and can damage the mobile phone devices of the users.”

यानी इस तरह की गतिविधि दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है या उन्हें चोट लग सकती है। इसके साथ ही इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन को भी नुकसान पहुंच सकता है।

DMRC ने यह भी साफ किया कि अधिकारी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। निगम के मुताबिक, अगर कोई कंटेंट क्रिएटर इस तरह का शूट करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ “necessary action” लिया जाएगा।

इसके बाद कंटेंट क्रिएटर्स को दिल्ली मेट्रो परिसर में ऐसे वीडियो शूट नहीं करने का निर्देश दिया गया है।

आखिर क्या है ‘Phone-Sticking’ Reel Trend?

इस ट्रेंड की खासियत इसका कैमरा एंगल है, जिससे पहली नजर में ऐसा लगता है कि क्रिएटर ने अपना फोन मेट्रो के बाहर लगा दिया है और ट्रेन उसे लेकर चली गई।

वायरल वीडियो के सामान्य फॉर्मेट में क्रिएटर ट्रेन की खिड़की के पास फोन लगाता दिखाई देता है। इसके बाद वह प्लेटफॉर्म पर फोन के सामने डांस या पोज करता है। ट्रेन चलने लगती है तो क्रिएटर उसके पीछे दौड़ता हुआ दिखाई देता है।

वीडियो देखने वाले को ऐसा आभास होता है कि मोबाइल फोन ट्रेन के साथ आगे बढ़ रहा है और उसका मालिक उसे वापस पाने के लिए ट्रेन के पीछे दौड़ रहा है।

हालांकि वायरल क्लिप्स के पीछे की शूटिंग तकनीक को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई मामलों में फोन वास्तव में ट्रेन के बाहर छोड़कर नहीं भेजा जाता। वीडियो को इस तरह फिल्माया जाता है कि कैमरे और ट्रेन की खिड़की की मदद से बाहर लगा फोन होने का भ्रम पैदा होता है।

Nikhil Kochar की Reel को मिले 13.5 करोड़ से ज्यादा Views

दिल्ली के influencer Nikhil Kochar इस ट्रेंड के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बने।

उनकी Reel में वह दिल्ली मेट्रो के प्लेटफॉर्म पर डांस करते दिखाई देते हैं। वीडियो के लिए उन्होंने 2015 की फिल्म Dilwale के गाने “Manma Emotion Jaage” का इस्तेमाल किया।

जैसे ही मेट्रो आगे बढ़ती है, Kochar उसके साथ दौड़ते दिखाई देते हैं। वीडियो की बनावट ऐसी है कि दर्शकों को लगता है कि उनका फोन ट्रेन के साथ चला गया।

यह Reel तेजी से वायरल हुई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल दो दिनों में इसे करीब 13.5 करोड़ (135 million) views और 45 लाख से ज्यादा likes मिल चुके थे।

इसके बाद अन्य सोशल मीडिया यूजर्स और क्रिएटर्स ने भी इसी फॉर्मेट में वीडियो बनाने शुरू किए।

वायरल Reel से सुरक्षा का सवाल कैसे जुड़ा?

यहां DMRC की आपत्ति केवल वीडियो बनाने से नहीं, बल्कि ऐसी गतिविधि से पैदा होने वाली असुविधा और संभावित जोखिम से जुड़ी है।

मेट्रो स्टेशन और ट्रेन सामान्य शूटिंग लोकेशन नहीं, बल्कि रोज बड़ी संख्या में यात्रियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क है। प्लेटफॉर्म पर दौड़ना, ट्रेन के आसपास Reel शूट करना या उपकरण को ऐसी जगह लगाना जहां वह यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता हो, दूसरे लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है।

इसी कारण DMRC ने अपने बयान में खास तौर पर यात्रियों को होने वाली असुविधा, संभावित चोट और मोबाइल डिवाइस को नुकसान का जिक्र किया है।

यह अंतर महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया पर किसी Reel का वास्तविक शूट कैसे किया गया और उसे देखकर दूसरे लोग उसकी नकल कैसे करते हैं—दोनों के जोखिम अलग हो सकते हैं।

Delhi Metro और वायरल Reels का पुराना रिश्ता

दिल्ली मेट्रो पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया कंटेंट की लोकप्रिय लोकेशन बन चुकी है। ट्रेन और स्टेशन पर डांस, कॉमेडी वीडियो, पब्लिक रिएक्शन और दूसरे फॉर्मेट की Reels लगातार सामने आती रही हैं।

लेकिन किसी वीडियो का वायरल होना उसे मेट्रो परिसर में स्वीकार्य गतिविधि नहीं बनाता।

DMRC पहले भी यात्रियों से ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील करता रहा है जो दूसरे यात्रियों को परेशान करें या मेट्रो के सामान्य संचालन में बाधा पैदा करें।

नए Phone-Sticking ट्रेंड के मामले में निगम की प्रतिक्रिया और स्पष्ट है—कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसे शूट बंद करने के लिए कहा गया है और पकड़े जाने पर आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

DMRC ने कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन एक बात अभी स्पष्ट नहीं

DMRC के बयान में “necessary action” की बात कही गई है, लेकिन वायरल Phone-Sticking Reel बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ किस विशेष प्रावधान के तहत क्या कार्रवाई या कितनी आर्थिक पेनल्टी होगी, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध बयान में नहीं दिया गया।

इसलिए यह कहना कि हर ऐसे मामले में निश्चित रकम का जुर्माना लगाया जाएगा, उपलब्ध जानकारी से आगे जाना होगा।

फिलहाल पुष्टि इतनी है कि DMRC ने इस तरह के वीडियो शूट नहीं करने का निर्देश दिया है और ऐसा करते पकड़े गए कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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