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एक महीने पहले छोड़ चुके थे नौकरी, फिर भी खाते में आई पूरी सैलरी; Bengaluru CA ने बताया आगे क्या किया

बेंगलुरु के Chartered Accountant Sreyans Jain के मुताबिक, 31 जुलाई को नौकरी छोड़ने के बावजूद 1 सितंबर को उनके खाते में अगस्त की पूरी सैलरी जमा हो गई। उन्होंने एक दिन तक कंपनी की ओर से संपर्क का इंतजार किया और फिर खुद founders को इसकी जानकारी दी। करीब 48 घंटे के भीतर रकम वापस कर दी गई।

एक महीने पहले छोड़ चुके थे नौकरी, फिर भी खाते में आई पूरी सैलरी; Bengaluru CA ने बताया आगे क्या किया
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

नौकरी छोड़ने के बाद पुराने नियोक्ता से कोई भुगतान आए तो पहला सवाल यही होगा कि वह बकाया settlement है या गलती से हुई payment। बेंगलुरु के Chartered Accountant Sreyans Jain के सामने भी ऐसी ही स्थिति आई, लेकिन रकम किसी पुराने बकाये की नहीं बल्कि पूरे अगस्त महीने की salary थी।

Jain के अनुसार, उनका आखिरी working day 31 जुलाई था। इसके ठीक एक महीने बाद, 1 सितंबर को उनके बैंक खाते में अगस्त की पूरी सैलरी जमा हो गई, जबकि उस महीने उन्होंने कंपनी के लिए काम ही नहीं किया था।

मामला केवल गलत payment तक सीमित नहीं रहा। Jain ने अपने LinkedIn पोस्ट में बताया कि उन्हें उम्मीद थी कंपनी का payroll या finance system जल्द ही गलती पकड़ लेगा। ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने खुद founders से संपर्क किया और रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू की।

एक महीने काम नहीं किया, फिर भी आई पूरी सैलरी

Jain ने LinkedIn पर घटना बताते हुए लिखा, “I hadn't shown up to in a month.”

उनके मुताबिक, 31 जुलाई उनका कंपनी में आखिरी दिन था। इसके बावजूद 1 सितंबर को अगस्त महीने की पूरी salary उनके खाते में credit हो गई।

शुरुआत में उन्हें लगा कि यह गलती ज्यादा देर तक नहीं टिकेगी। किसी exited employee के नाम पर salary process होने के बाद payroll system या finance team इसे पकड़ लेगी और कंपनी उनसे संपर्क करेगी।

लेकिन ऐसा तुरंत नहीं हुआ।

एक पूरा दिन बीतने के बाद भी उन्हें न email मिला, न phone call और न ही उस office group पर कोई message आया जिसका वह तब भी हिस्सा थे।

कंपनी के फोन का इंतजार करने के बजाय founders को लिखा

एक दिन तक कोई संपर्क नहीं होने पर Jain ने रकम अपने पास रखने के बजाय कंपनी को खुद सूचित करने का फैसला किया।

उन्होंने सीधे founders को email किया, पूरी स्थिति बताई और पैसे वापस भेजने के लिए bank details मांगीं।

उनका कहना था कि वह ऐसी रकम अपने पास रखकर कंपनी के गलती पकड़ने का इंतजार नहीं करना चाहते थे जो उनकी नहीं थी।

इसके बाद मामला तेजी से आगे बढ़ा। Jain के अनुसार, founders को email भेजने के कुछ घंटों के भीतर HR की ओर से उन्हें फोन आया और रकम लौटाने की प्रक्रिया तय की गई।

करीब 48 घंटे में वापस हुई रकम

Jain के मुताबिक, salary उनके खाते में आने से लेकर उसे कंपनी को वापस भेजे जाने तक पूरी प्रक्रिया में लगभग 48 घंटे लगे।

उन्होंने रकम की वास्तविक राशि सार्वजनिक नहीं की। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि गलती से उनके खाते में कितने रुपये transfer हुए थे।

यह अंतर महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर salary से जुड़ी कहानियों में रकम अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाती है, लेकिन इस मामले में Jain की पोस्ट का मुख्य बिंदु payment का आकार नहीं बल्कि payroll process में हुई चूक थी।

सवाल गलत payment से ज्यादा payroll checks का

Jain के अनुभव में दिलचस्प पहलू यह था कि कंपनी ने गलती कितनी जल्दी की, इससे ज्यादा यह कि उसे पकड़ने में कितना समय लगा।

किसी कर्मचारी के exit के बाद payroll records, HR database और final settlement process के बीच सही तालमेल जरूरी होता है। Jain के बताए घटनाक्रम में payment उस कर्मचारी के खाते तक पहुंच गई जिसका last working day एक महीने पहले ही बीत चुका था।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर गलती वास्तव में कहां हुई। कंपनी का नाम भी रिपोर्ट में नहीं बताया गया है। इसलिए इसे किसी खास payroll software, HR टीम या व्यक्ति की गलती कहना उपलब्ध तथ्यों से आगे जाना होगा।

पुष्टि केवल इतनी है कि Jain ने इसे accidental payment बताया और उनके अनुसार कंपनी ने उनसे संपर्क करने से पहले खुद इस payment को नहीं पकड़ा था।

घटना में कर्मचारी की ईमानदारी भी बनी चर्चा का विषय

इस कहानी का दूसरा पहलू Jain का फैसला है। वह कंपनी के संपर्क करने तक इंतजार कर सकते थे, लेकिन उन्होंने एक दिन बाद खुद मामला उठाया और रकम वापस करने की पेशकश की।

उनके अनुसार, HR से बातचीत के बाद transfer पूरा हुआ और पैसा कंपनी के पास वापस चला गया।

यह घटना किसी बड़े financial fraud या salary dispute की कहानी नहीं है। बल्कि यह एक साधारण payroll error का उदाहरण है जिसमें गलत भुगतान समय पर पकड़ में नहीं आया और पूर्व कर्मचारी ने खुद employer को इसकी जानकारी दी।

साथ ही, मामला यह भी दिखाता है कि employee exit केवल resignation स्वीकार करने और access बंद करने तक सीमित प्रक्रिया नहीं है। Payroll, HR records और final settlement में कर्मचारी की स्थिति समय पर update न हो तो गलत payment जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

क्या-क्या पुष्टि हुई है?

इस घटना के बारे में उपलब्ध रिपोर्ट Sreyans Jain के LinkedIn पोस्ट पर आधारित है। इसके अनुसार उनका last working day 31 जुलाई था, 1 सितंबर को अगस्त की पूरी salary उनके खाते में आई और करीब 48 घंटे के भीतर रकम वापस कर दी गई।

वहीं, salary की रकम, कंपनी का नाम और payroll error का सटीक तकनीकी कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इसलिए कहानी का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह नहीं है कि Jain को कितनी रकम मिली, बल्कि यह है कि एक पूर्व कर्मचारी को पूरे उस महीने की salary process हो गई जिसमें उसने कंपनी के लिए काम नहीं किया था—और गलती सामने आने की शुरुआत कर्मचारी की तरफ से हुई।


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