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“हाथ जोड़कर कह रहा हूं, अभी US मत आओ”: भारतीय शख्स का वीडियो वायरल, छात्रों को क्यों दी चेतावनी?

विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को मार्गदर्शन देने वाले Anushk Sharma का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारतीय छात्रों से मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका आने से पहले गंभीरता से सोचने की अपील की है। उन्होंने CPT, नौकरी की अनिश्चितता और बदलते इमिग्रेशन माहौल को लेकर चिंता जताई। हालांकि उनकी टिप्पणी व्यक्तिगत आकलन है और इसे अमेरिका में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अनुभव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

“हाथ जोड़कर कह रहा हूं, अभी US मत आओ”: भारतीय शख्स का वीडियो वायरल, छात्रों को क्यों दी चेतावनी?
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

“अभी अमेरिका मत आओ”: भारतीय शख्स की अपील ने खींचा ध्यान

अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद बेहतर करियर बनाने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच एक वायरल वीडियो ने नई चर्चा छेड़ दी है।

विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को कोच करने वाले Anushk Sharma ने भारतीय छात्रों से मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका आने से पहले दोबारा सोचने की अपील की है।

अपने वीडियो में Sharma ने भावुक अंदाज में कहा:

“I am urging you with folded hands, please don't come to the US now. It's dead.”

यानी वह हाथ जोड़कर छात्रों से फिलहाल अमेरिका नहीं आने की अपील कर रहे हैं।

उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अमेरिका में उच्च शिक्षा, रोजगार के अवसर और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर लागू नियमों को लेकर बहस तेज हो गई है।

जो कभी US में पढ़ाई की सलाह देते थे, अब क्यों बदला नजरिया?

Sharma के वीडियो की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह खुद पहले छात्रों को अमेरिका में पढ़ने की सलाह दिया करते थे।

उन्होंने वीडियो में कहा कि यह संदेश बनाते हुए उन्हें दुख हो रहा है, क्योंकि पहले वह छात्रों को अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करते थे।

लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनका कहना है कि अब वह उसी तरह अमेरिका की सिफारिश नहीं कर सकते।

उनकी चिंता खास तौर पर उन छात्रों को लेकर है जो अमेरिका में पढ़ाई पर बड़ी रकम खर्च करते हैं और उसके बाद नौकरी हासिल करने की उम्मीद रखते हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि Sharma का यह आकलन उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है। अमेरिका में अलग-अलग विश्वविद्यालयों, कोर्स, क्षेत्रों और छात्रों के लिए परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।

CPT को लेकर क्यों जताई चिंता?

Sharma की चेतावनी के केंद्र में CPT यानी Curricular Practical Training से जुड़े हालिया बदलाव और अनिश्चितताएं हैं।

CPT अमेरिका में पात्र अंतरराष्ट्रीय छात्रों को उनकी पढ़ाई से संबंधित practical work experience हासिल करने का रास्ता देता है।

Sharma ने इसे छात्रों के लिए internship जैसे महत्वपूर्ण अवसर के रूप में बताया और तर्क दिया कि practical experience के बिना अमेरिका में नौकरी हासिल करना ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उनके मुताबिक, यदि छात्रों के लिए पढ़ाई के दौरान रोजगार से जुड़ा अनुभव हासिल करना मुश्किल होता है, तो अमेरिकी डिग्री पर बड़ी रकम खर्च करने का risk-return calculation भी बदल सकता है।

“अब यह उतना फायदेमंद नहीं” — Sharma

वीडियो में Sharma ने मौजूदा परिस्थितियों को लेकर कहा:

“It's not worth it anymore.”

उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो बनाते हुए उन्हें दुख हो रहा है क्योंकि वह पहले छात्रों को अमेरिका जाकर पढ़ने की सलाह देते थे।

Sharma के मुताबिक, यदि भविष्य में परिस्थितियां सुधरती हैं तो अमेरिका एक बार फिर छात्रों के लिए बेहतरीन विकल्प बन सकता है। लेकिन फिलहाल वह छात्रों को दूसरे देशों के विकल्पों पर भी विचार करने की सलाह दे रहे हैं।

Finance और Tech छात्रों को बताए दूसरे विकल्प

Sharma ने वीडियो में केवल अमेरिका नहीं आने की बात नहीं कही, बल्कि कुछ वैकल्पिक destinations का भी जिक्र किया।

उनके अनुसार, Finance की पढ़ाई करने वाले छात्र France, Paris, Oxford या Cambridge जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं, जबकि Technology से जुड़े छात्र Germany और Switzerland को देख सकते हैं।

उनका मानना है कि इन जगहों पर अमेरिका जितनी salary हर मामले में न मिले, लेकिन छात्रों को दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।

हालांकि यह भी Sharma की व्यक्तिगत सलाह है। किसी देश या विश्वविद्यालय का चुनाव course quality, tuition fee, scholarships, visa rules, employment prospects और व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति जैसे कई factors पर निर्भर करता है।

अमेरिकी इमिग्रेशन नीति भी बनी चिंता की वजह

यह वायरल वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में international students और skilled foreign workers से जुड़े immigration rules लगातार चर्चा में हैं।

H-1B visa, Optional Practical Training (OPT), Curricular Practical Training (CPT) और student visa duration जैसे मुद्दों पर प्रस्तावित या लागू बदलावों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच अनिश्चितता बढ़ाई है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर immigration से जुड़े प्रस्ताव, घोषित नीतियां और पहले से लागू नियम अक्सर एक साथ पेश कर दिए जाते हैं। जबकि किसी छात्र पर वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित नियम अंतिम रूप से लागू हुआ है या केवल प्रस्तावित चरण में है।

इसलिए अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों के लिए वायरल वीडियो के आधार पर निर्णय लेने के बजाय आधिकारिक immigration और university guidance की जांच करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

क्या सच में भारतीय छात्रों के लिए ‘American Dream’ खत्म हो रहा है?

Sharma की टिप्पणी से यही सबसे बड़ा सवाल पैदा होता है।

लेकिन इसका सीधा जवाब “हां” या “नहीं” में देना सही नहीं होगा।

अमेरिका अब भी दुनिया के प्रमुख higher-education destinations में शामिल है और उसके कई विश्वविद्यालय research, technology, finance, engineering और innovation के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थान रखते हैं।

दूसरी ओर, international student के लिए केवल university ranking देखना पर्याप्त नहीं है।

उसे tuition fee, education loan, living expenses, internship opportunities, post-study employment, visa status और long-term immigration uncertainty को भी साथ में देखना पड़ता है।

यही वजह है कि अमेरिका जाने का फैसला अब केवल “अच्छी यूनिवर्सिटी में admission मिल गया” तक सीमित नहीं रह जाता।

वायरल वीडियो को चेतावनी मानें, अंतिम फैसला नहीं

Anushk Sharma का वायरल वीडियो अमेरिका में पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण perspective जरूर पेश करता है, लेकिन इसे सभी छात्रों पर लागू होने वाला निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

किसी छात्र के लिए अमेरिका अच्छा विकल्प है या नहीं, यह उसके कोर्स, यूनिवर्सिटी, खर्च, scholarship, career goals और risk tolerance पर निर्भर करेगा।

वीडियो की असली अहमियत शायद इसी बात में है कि यह छात्रों को एक बड़ा सवाल पूछने के लिए मजबूर करता है—क्या विदेश में पढ़ाई पर खर्च होने वाली बड़ी रकम के मुकाबले मिलने वाला संभावित career return अभी भी पर्याप्त है?

ऐसे समय में जब immigration और employment policies तेजी से बदल सकती हैं, छात्रों के लिए सोशल मीडिया की वायरल राय से ज्यादा जरूरी है कि वे आवेदन या education loan लेने से पहले आधिकारिक नियमों और अपनी आर्थिक स्थिति की पूरी जांच करें।

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