जापान में रहने वाली भारतीय कंटेंट क्रिएटर प्रगति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ध्यान खींच रहा है। वजह उनका महंगा iPhone खोना भर नहीं, बल्कि यह दावा है कि जापान में वह अपना फोन पांचवीं बार भूल गईं और एक बार फिर उसे वापस पाने में सफल रहीं।
प्रगति ने Instagram पर अपनी तलाश का वीडियो साझा किया। उनके मुताबिक, इस बार उन्हें दो-तीन घंटे बाद एहसास हुआ कि उनका iPhone 16 Pro उनके पास नहीं है। दूसरे फोन पर Apple का Find My फीचर देखने पर डिवाइस की लोकेशन करीब 600 मीटर दूर दिखाई दी। तब रात के लगभग 12 बज चुके थे।
Find My ने दिखाई 600 मीटर दूर लोकेशन
प्रगति के अनुसार, फोन गायब होने का पता चलने के बाद उन्होंने दूसरे डिवाइस पर उसकी लोकेशन देखी और उसकी तलाश में निकल पड़ीं। जैसे-जैसे वह फोन के करीब पहुंचीं, ट्रैकिंग में दूरी घटकर लगभग 100 मीटर रह गई। आखिरकार वह उस जगह पहुंचीं और उनका iPhone वहीं मिला।
उन्होंने वीडियो में बताया कि फोन वापस खोजने में Apple का Find My फीचर पहले भी उनके काम आया है। कुछ मौकों पर Apple Watch से कनेक्शन ने भी डिवाइस खोजने में मदद की थी।
पहले कहां-कहां मिला था फोन?
प्रगति का कहना है कि यह उनके साथ पहली बार नहीं हुआ। पिछले मामलों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनका फोन एक बार पुलिस स्टेशन, एक बार सब्जी बाजार और दो बार ट्रायल रूम में मिला था।
इस बार फोन उस स्थान पर ही मिल गया जहां वह उसे छोड़ गई थीं।
अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “I lost my iPhone 16 Pro in Japan AGAIN. And yes… this was the 5th time.” उन्होंने आगे कहा कि किसी तरह उन्हें फोन फिर मिल गया और उन्हें लगता है कि ऐसा अनुभव जापान में ही संभव हो सकता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि पांच बार फोन खोने और वापस मिलने का विवरण प्रगति द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। प्रकाशित रिपोर्ट्स ने भी स्पष्ट किया है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने जापान में खोई चीजें वापस मिलने के अपने नजरिए से इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ प्रतिक्रियाओं में “Only in Japan!” और “Japan’s honesty is unmatched” जैसी टिप्पणियां देखने को मिलीं।
हालांकि किसी एक वायरल घटना के आधार पर पूरे देश के लोगों के व्यवहार को सामान्यीकृत करना उचित नहीं होगा, लेकिन जापान में खोई वस्तुओं को संभालने के लिए एक औपचारिक और बड़े स्तर का सिस्टम मौजूद है।
सिर्फ संयोग नहीं? जापान का Lost-and-Found सिस्टम भी है खास
प्रगति की कहानी को जापान के आधिकारिक lost-and-found सिस्टम के संदर्भ में देखने पर तस्वीर और दिलचस्प हो जाती है।
जापान की National Police Agency (NPA) के मुताबिक, कोई वस्तु खोने पर Lost Property Report दर्ज की जा सकती है। पुलिस को कोई मिलती-जुलती वस्तु मिलने पर सिस्टम में दर्ज रिपोर्ट से उसका मिलान किया जाता है। खोई हुई वस्तुओं की जानकारी संबंधित प्रीफेक्चरल पुलिस वेबसाइटों पर भी खोजी जा सकती है।
NPA के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में लगभग 3.128 करोड़ (31.28 million) मिली हुई वस्तुओं की सूचना दर्ज हुई। इनमें विशेष रूप से नामित सुविधाओं द्वारा अपने पास रखी गई वस्तुएं भी शामिल हैं। पुलिस को सौंपे गए सामान में से करीब 1.141 करोड़ (11.41 million) वस्तुएं उनके मालिकों को वापस की गईं। इसके अलावा करीब 157 अरब येन की नकदी भी मालिकों को लौटाई गई।
ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि जापान में lost property को संभालने की व्यवस्था कितने बड़े पैमाने पर काम करती है।
फोन खो जाए तो जापान में क्या करना चाहिए?
जापान की National Police Agency के मुताबिक, किसी व्यक्ति को सामान खोने का पता चलते ही जल्द से जल्द Lost Property Report दर्ज करनी चाहिए। अगर सामान किसी दुकान, स्टेशन या दूसरी सुविधा में छूटा है, तो संबंधित facility से भी संपर्क करना चाहिए।
मोबाइल फोन खोने के मामले में NPA फोन ऑपरेटर से तुरंत संपर्क कर सेवा को निलंबित कराने की भी सलाह देती है। पुलिस के पास जमा मिली हुई वस्तुओं का Lost Property Reports से मिलान किया जाता है ताकि मालिक की पहचान हो सके।
एक वायरल वीडियो से आगे की कहानी
प्रगति के iPhone की कहानी सोशल मीडिया पर इसलिए दिलचस्प बनी क्योंकि एक महंगा फोन बार-बार खोने के बावजूद वापस मिलने का उनका दावा असामान्य लगता है। लेकिन इस घटना का व्यापक संदर्भ जापान का स्थापित lost-and-found नेटवर्क है, जहां हर साल करोड़ों मिली हुई वस्तुओं की रिपोर्ट दर्ज होती है।
फिर भी प्रगति के साथ पांच अलग-अलग मौकों पर वास्तव में क्या हुआ, इसकी जानकारी मुख्य रूप से उनके अपने वीडियो और सोशल-मीडिया पोस्ट से आती है। इसलिए व्यक्तिगत अनुभव और जापान के आधिकारिक lost-property आंकड़ों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
