विज्ञापन - शीर्ष बैनर
Read in English —JantaScope English
वायरल

खीरे और कंडोम से Sex Education समझाते बिहार के Biology Teacher का वीडियो वायरल, Reproductive Health पर खुलकर की बात

बिहार के पूर्णिया के Biology teacher चंदन कुमार पंडित का एक classroom video सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह खीरे को मॉडल बनाकर कंडोम के इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाते दिखाई देते हैं। शिक्षक का कहना है कि birth control और reproductive health जैसे संवेदनशील विषयों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय आसान और व्यावहारिक तरीके से समझाया जाना चाहिए।

खीरे और कंडोम से Sex Education समझाते बिहार के Biology Teacher का वीडियो वायरल, Reproductive Health पर खुलकर की बात
विज्ञापन

द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: India Today; Bihar Human Rights Commission educational material; Chandan Kumar Pandit’s social media post

बिहार के Classroom से निकला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बिहार के पूर्णिया में एक Biology teacher का Sex Education पढ़ाने का तरीका सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षक चंदन कुमार पंडित ने कक्षा में खीरे और कंडोम का इस्तेमाल कर छात्रों को reproductive health से जुड़े विषय समझाए।

India Today की 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चंदन ने खीरे को एक मॉडल की तरह इस्तेमाल करते हुए कंडोम पहनने की प्रक्रिया का demonstration दिया। इसके साथ उन्होंने sexually transmitted infections (STIs) से बचाव, birth control और reproductive health में कंडोम की भूमिका के बारे में भी बताया।

क्लास का छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद तेजी से वायरल हुआ और इसे करीब 2 करोड़ views मिले।

कौन हैं चंदन कुमार पंडित?

India Today के मुताबिक, वीडियो को खुद चंदन कुमार पंडित ने Instagram पर पोस्ट किया था। वह अपने Instagram profile पर खुद को “India’s Viral Biology Sir” बताते हैं।

रिपोर्ट प्रकाशित होने के समय उनके Instagram account पर 25,000 से अधिक followers थे।

चंदन CK Raj Biology नाम से एक YouTube channel भी चलाते हैं, जिस पर India Today की रिपोर्ट के समय करीब 1.14 हजार subscribers थे।

खीरे को मॉडल बनाकर समझाया कंडोम का इस्तेमाल

वायरल वीडियो का सबसे चर्चित हिस्सा शिक्षक द्वारा अपनाया गया practical demonstration है।

कक्षा में चंदन ने खीरे को मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया और छात्रों को कंडोम पहनने का तरीका समझाया। साथ ही उन्होंने बताया कि कंडोम का इस्तेमाल गर्भनिरोध के अलावा sexually transmitted infections के जोखिम को कम करने में भी किया जाता है।

इस तरह के demonstration को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य कारण भी यही रहा कि आम तौर पर संकोच के साथ चर्चा किए जाने वाले विषय को शिक्षक ने सीधे classroom setting में practical तरीके से समझाया।

शिक्षक ने क्यों चुना Practical तरीका?

अपने Instagram post के caption में चंदन ने कहा कि birth control और reproductive health जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों को practical और आसानी से समझ आने वाले तरीके से पढ़ाए जाने की जरूरत है।

उन्होंने यह विचार भी रखा कि शिक्षा को केवल textbooks तक सीमित नहीं होना चाहिए और real-life learning ऐसे विषयों से जुड़ी सामाजिक झिझक और taboo को कम करने में मदद कर सकती है। यह शिक्षक का अपना दृष्टिकोण है, न कि किसी सरकारी संस्था की ओर से जारी बयान।

Sex Education में Condom की जानकारी क्यों महत्वपूर्ण?

कंडोम को केवल गर्भनिरोध के संदर्भ में समझना अधूरा होगा। Sexual and reproductive health education में इसका संबंध अनचाहे गर्भधारण के जोखिम को कम करने के साथ sexually transmitted infections से बचाव की जानकारी से भी है।

बिहार मानवाधिकार आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मानवाधिकार शिक्षा सामग्री भी बताती है कि condoms contraception का एक तरीका हैं और STIs तथा HIV/AIDS जैसे संक्रमणों से सुरक्षा में उनकी भूमिका होती है। सामग्री में sexual education को बच्चों और किशोरों को sexual abuse पहचानने और उसके खिलाफ आवाज उठाने में सक्षम बनाने से भी जोड़ा गया है।

इस संदर्भ से यह समझना महत्वपूर्ण है कि age-appropriate sex education केवल sexual activity की जानकारी तक सीमित विषय नहीं है। इसमें शरीर, reproductive health, सुरक्षा और abuse की पहचान जैसे पहलू भी शामिल हो सकते हैं।

करीब 2 करोड़ Views, Social Media पर चर्चा

India Today के मुताबिक, चंदन का वीडियो करीब 20 million views तक पहुंच गया। रिपोर्ट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर कई users ने संवेदनशील विषय को खुले और practical तरीके से समझाने के लिए शिक्षक की प्रशंसा की।

हालांकि, सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को व्यापक जनमत का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्ट मुख्य रूप से वीडियो की वायरल पहुंच और उस पर आई सकारात्मक प्रतिक्रियाओं का उल्लेख करती है।

Viral Video से आगे क्यों महत्वपूर्ण है यह चर्चा?

इस घटना की अहमियत केवल खीरे और कंडोम वाले viral demonstration में नहीं है। इससे एक व्यापक सवाल भी सामने आता है—किशोरों को reproductive और sexual health जैसे संवेदनशील विषय किस तरह समझाए जाने चाहिए ताकि जानकारी वैज्ञानिक, उम्र के अनुरूप और आसानी से समझ आने वाली हो।

चंदन कुमार पंडित के वीडियो ने इसी वजह से ध्यान खींचा है। उन्होंने textbook explanation के बजाय physical demonstration चुना और उनका कहना है कि इससे संवेदनशील विषयों को समझना आसान बनाया जा सकता है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में इस teaching method को लेकर बिहार शिक्षा विभाग द्वारा किसी आधिकारिक कार्रवाई, जांच या आपत्ति का उल्लेख नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से आगे किसी प्रशासनिक प्रतिक्रिया का दावा करना उपलब्ध तथ्यों से समर्थित नहीं होगा।

Source

Primary Source: India Today Trending Desk, 25 September 2026 — चंदन कुमार पंडित के viral classroom video, demonstration, Instagram followers, views और उनके social-media caption से संबंधित जानकारी।

Contextual Source: Bihar Human Rights Commission की educational material — contraception, condoms, STIs और sexual education से जुड़े सामान्य शैक्षणिक संदर्भ के लिए।

साझा करें
विज्ञापन - मध्य लेख
विज्ञापन - नीचे