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Nagpur-Mumbai Duronto पर पथराव: चलते ट्रेन की खिड़की का शीशा टूटा, तीन कोच प्रभावित; जांच में जुटी RPF-GRP

नागपुर से मुंबई जा रही CSMT Duronto Express पर महाराष्ट्र के Borkhedi के पास पत्थर या किसी बाहरी वस्तु के टकराने से तीन कोच की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है। रेलवे ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है और RPF-GRP जांच कर रही हैं। यात्रियों के घायल होने को लेकर शुरुआती आधिकारिक जानकारी और बाद की मीडिया रिपोर्टों में अंतर है।

Nagpur-Mumbai Duronto पर पथराव: चलते ट्रेन की खिड़की का शीशा टूटा, तीन कोच प्रभावित; जांच में जुटी RPF-GRP
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Indian Railways/Central Railway officials; The Indian Express; The Times of India

रात करीब 8:27 बजे Borkhedi के बाद हुई घटना

नागपुर से मुंबई जा रही Nagpur-Mumbai CSMT Duronto Express (Train No. 12290) में शुक्रवार, 25 सितंबर की रात अचानक एक जोरदार आवाज के साथ खिड़की का शीशा टूट गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक घटना रात करीब 8:27 बजे, ट्रेन के Borkhedi स्टेशन पार करने के बाद हुई। The Indian Express

रेलवे की शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाहर से आए पत्थर या किसी अन्य वस्तु ने ट्रेन के A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। इस घटना के वीडियो में यात्री खाना खाते दिखाई देते हैं और अचानक खिड़की पर जोरदार टक्कर के बाद शीशे के टुकड़े अंदर बिखर जाते हैं। The Times of India

खाना खा रहे थे यात्री, तभी टूटा शीशा

घटना के समय कुछ यात्री अपनी सीटों पर बैठकर खाना खा रहे थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अचानक एक तेज आवाज सुनाई देती है और इसके तुरंत बाद खिड़की क्षतिग्रस्त होती दिखाई देती है। शीशे के टुकड़े यात्रियों के काफी करीब तक पहुंच गए। The Times of India

एक यात्री ने Moneycontrol को बताया कि वे पराठे खा रहे थे और सफर का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक किसी चीज ने खिड़की को टक्कर मारी और शीशा टूट गया। यात्री ने इसे बाहर से फेंका गया पत्थर बताया और कहा कि इससे गंभीर हादसा हो सकता था। यह यात्री का विवरण है; जांच एजेंसियों ने अभी यह निर्धारित नहीं किया है कि वस्तु किसने और ठीक कहां से फेंकी। Moneycontrol

क्या यात्री घायल हुए? रिपोर्टों में अंतर

इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सावधानी से समझना जरूरी है।

26 सितंबर को सामने आई रेलवे अधिकारियों पर आधारित शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं थी। The Indian Express ने भी Central Railway के Chief Public Relations Officer Dr Swapnil Nila के हवाले से यही जानकारी दी। The Indian Express

हालांकि 27 सितंबर को प्रकाशित Times of India की एक बाद की रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिनमें कांच के टुकड़ों से cuts और bruises शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार Wardha स्टेशन पर रेलवे डॉक्टरों ने प्रभावित यात्रियों को देखा। The Times of India

इसलिए फिलहाल “चार यात्री घायल” जैसे सोशल-मीडिया दावों को पुष्ट तथ्य के रूप में लिखना उचित नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टिंग में घायलों की संख्या को लेकर अंतर है।

तीन कोच की खिड़कियां हुईं क्षतिग्रस्त

रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटना में A-1, B-2 और B-5 कोच की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा। Times of India की बाद की रिपोर्ट के मुताबिक B-2 कोच में प्रभाव अधिक था और खिड़की के शीशे में बड़ा हिस्सा टूट गया था। The Indian Express

घटना के बाद क्षतिग्रस्त खिड़कियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए।

सूचना मिलने के बाद RPF और GRP ने चलाया सर्च ऑपरेशन

रेलवे को घटना की जानकारी रात करीब 8:46 बजे मिली। इसके बाद Railway Protection Force (RPF) और Government Railway Police (GRP) ने Borkhedi-Sindhi section में तलाशी अभियान चलाया।

जांच का दायरा किलोमीटर 803 से 796 के बीच रखा गया। Borkhedi और Brahmani गांवों के आसपास भी जांच की गई और स्थानीय लोगों तथा Police Patil से पूछताछ की गई। शुरुआती तलाशी में कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला। The Indian Express

Central Railway के अधिकारी के मुताबिक escort staff और यात्रियों ने पुष्टि की कि ट्रेन की खिड़कियों पर बाहर से कोई पत्थर या वस्तु लगी थी। हालांकि उसे फेंकने की सटीक जगह का पता लगाने के लिए जांच जारी है। The Indian Express

अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज

घटना के बाद 26 सितंबर को रात 2:55 बजे Crime No. 325/2026 दर्ज किया गया। मामला Railways Act की Section 153 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया है। The Indian Express

बाद की रिपोर्ट के मुताबिक RPF की कई टीमें जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हैं। आसपास के इलाकों के CCTV footage की भी जांच की जा रही है। The Times of India

क्या सचमुच किसी ने पत्थर फेंका था?

रेलवे ने घटना को reported stone-pelting के रूप में दर्ज किया है और अधिकारियों के मुताबिक बाहर से पत्थर या कोई वस्तु ट्रेन की खिड़कियों से टकराई। हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह संभावना भी जताई कि ट्रैक के आसपास मौजूद कोई पत्थर किसी दूसरी वजह से उछलकर ट्रेन से टकराया हो सकता है। Moneycontrol ने ऐसी प्रतिक्रियाओं का उल्लेख किया है, लेकिन इस alternative explanation की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Moneycontrol

इसलिए जांच पूरी होने से पहले यह दावा करना कि किस व्यक्ति ने पत्थर फेंका या उसका मकसद क्या था, उपलब्ध तथ्यों से आगे जाना होगा।

पहले भी सामने आ चुके हैं stone-pelting के मामले

यह घटना रेलवे के लिए व्यापक passenger-safety concern से भी जुड़ती है। Indian Express के अनुसार, रेलवे ने जनवरी 2026 में बताया था कि जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच देशभर में trains पर stone-pelting के 1,698 मामले दर्ज हुए थे और इनसे जुड़े मामलों में 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। The Indian Express

रेलवे के मुताबिक चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल सकता है और ऐसे मामलों में Railways Act के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। The Indian Express

फिलहाल Nagpur-Mumbai Duronto की इस घटना में सबसे अहम सवाल—वस्तु किसने फेंकी, कहां से आई और घटना के पीछे कोई जानबूझकर किया गया कृत्य था या नहीं—जांच के अधीन हैं।

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