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पारंपरिक मिठाई बनी परेशानी की वजह: अबू धाबी एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री हिरासत में, जानिए कस्टम्स में किन चीज़ों से हो सकती है मुश्किल

अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक भारतीय यात्री को कथित तौर पर उस समय हिरासत में लिया गया, जब उसके सामान में खसखस (पोस्ता दाना) लगी पारंपरिक भारतीय मिठाई मिली। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जो खाद्य पदार्थ भारत में सामान्य और कानूनी हैं, वे दूसरे देशों में कस्टम्स नियमों के तहत प्रतिबंधित या जांच के दायरे में आ सकते हैं। ऐसे में विदेश यात्रा से पहले गंतव्य देश के आयात और कस्टम्स नियमों की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो जाता है।

पारंपरिक मिठाई बनी परेशानी की वजह: अबू धाबी एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री हिरासत में, जानिए कस्टम्स में किन चीज़ों से हो सकती है मुश्किल
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: जनता स्कोप

अबू धाबी एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री से मिली खसखस वाली मिठाई

विदेश यात्रा पर निकले एक भारतीय यात्री को अबू धाबी एयरपोर्ट पर उस समय रोक लिया गया, जब कस्टम्स अधिकारियों ने उसके सामान की जांच के दौरान खसखस (पोस्ता दाना) लगी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई बरामद की। शुरुआती जांच के बाद यात्री को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि भारत में खसखस का उपयोग कई पारंपरिक मिठाइयों और व्यंजनों में सामान्य रूप से किया जाता है, लेकिन कुछ देशों में इसके आयात और उपयोग को लेकर अलग-अलग नियम लागू हैं।


मिठाई पर क्यों उठे सवाल?

खसखस उसी पौधे से प्राप्त होती है जिससे अफीम भी तैयार की जाती है। हालांकि भोजन में इस्तेमाल होने वाले खसखस के बीज कई देशों में वैध हैं, लेकिन कुछ देशों में इनके आयात पर कड़े नियम या प्रतिबंध लागू हैं।

ऐसे मामलों में कस्टम्स अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि यात्रियों द्वारा लाई गई वस्तुएं स्थानीय कानूनों के अनुरूप हों। यदि किसी वस्तु में प्रतिबंधित या नियंत्रित सामग्री पाई जाती है, तो उसे जब्त किया जा सकता है और यात्री से पूछताछ भी की जा सकती है।


हर देश के कस्टम्स नियम अलग होते हैं

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान केवल पासपोर्ट और वीजा ही पर्याप्त नहीं होते। कई देशों में खाद्य पदार्थों, बीजों, दवाइयों और कृषि उत्पादों के आयात को लेकर अलग-अलग नियम लागू हैं।

यात्रियों को अक्सर यह गलतफहमी होती है कि भारत में वैध वस्तुएं विदेश में भी बिना किसी रोक-टोक के ले जाई जा सकती हैं, जबकि वास्तविकता इससे अलग हो सकती है।


किन चीज़ों को ले जाने से हो सकती है परेशानी?

विदेश यात्रा के दौरान निम्नलिखित वस्तुएं कस्टम्स जांच का कारण बन सकती हैं—

  • खसखस या अन्य नियंत्रित बीजों वाले खाद्य पदार्थ

  • ताजे फल और सब्जियां

  • मांस और डेयरी उत्पाद

  • बिना अनुमति वाली दवाइयां

  • बड़ी मात्रा में नकदी जिसकी घोषणा न की गई हो

  • पौधों, बीजों या कृषि उत्पाद

  • वन्यजीवों से जुड़े उत्पाद

  • कुछ हर्बल या पारंपरिक औषधियां

इन वस्तुओं को ले जाने से पहले संबंधित देश के नियमों की जांच करना आवश्यक है।


यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?

यह मामला उन लाखों भारतीय यात्रियों के लिए सीख है जो विदेश जाते समय घर का बना भोजन, मिठाइयां, मसाले या पारंपरिक खाद्य पदार्थ अपने साथ ले जाते हैं।

एक देश में सामान्य मानी जाने वाली वस्तु दूसरे देश में कानूनी जांच का विषय बन सकती है। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक कस्टम्स दिशा-निर्देशों को पढ़ना भविष्य की परेशानियों से बचा सकता है।


संतुलित विश्लेषण

अबू धाबी एयरपोर्ट की यह घटना दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान स्थानीय कानूनों का सम्मान करना कितना आवश्यक है। भारतीय खानपान में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्री विदेशों में अलग कानूनी स्थिति रख सकती है।

यह मामला केवल एक यात्री तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना जानकारी के खाद्य पदार्थ या अन्य सामान विदेश ले जाते हैं। यात्रा से पहले संबंधित देश की आधिकारिक कस्टम्स गाइडलाइन पढ़ना, प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची देखना और आवश्यक घोषणा करना सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

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