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Teachers’ Day पर ‘Ooh La La’ पर झूमे देहरादून के छात्र, वीडियो वायरल होते ही छिड़ी बहस

देहरादून के JB Institute of Technology में Teachers’ Day समारोह के दौरान चार छात्राओं के ‘Ooh La La, Tu Hai Meri Fantasy’ पर डांस का वीडियो वायरल हो गया। कार्यक्रम Academic Excellence Award Ceremony का हिस्सा था। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने गाने के चयन को लेकर सवाल उठाए हैं।

Teachers’ Day पर ‘Ooh La La’ पर झूमे देहरादून के छात्र, वीडियो वायरल होते ही छिड़ी बहस
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: Janta Scope

देहरादून में Teachers’ Day कार्यक्रम का वीडियो वायरल

देहरादून के JB Institute of Technology (JBIT) में Teachers’ Day के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में चार छात्राएं बॉलीवुड फिल्म The Dirty Picture के लोकप्रिय गाने ‘Ooh La La, Tu Hai Meri Fantasy’ पर मंच पर प्रस्तुति देती दिखाई देती हैं।

यह प्रस्तुति संस्थान के Teachers’ Day celebrations के तहत आयोजित Academic Excellence Award Ceremony के दौरान हुई थी। वीडियो में मंच के सामने मौजूद दूसरे छात्रों को प्रस्तुति के दौरान उत्साह जताते और हूटिंग करते हुए भी देखा जा सकता है।

वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचने के बाद चर्चा कार्यक्रम की प्रस्तुति से ज्यादा गाने के चयन पर केंद्रित हो गई। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या Teachers’ Day और अकादमिक उपलब्धियों को सम्मानित करने वाले समारोह में इस गाने पर प्रस्तुति उचित थी।

चार छात्राओं ने दी थी प्रस्तुति

रिपोर्ट के मुताबिक, वायरल क्लिप में चार छात्राएं डांस करती दिखाई देती हैं। जिस गाने पर यह प्रस्तुति हुई, वह 2011 में रिलीज हुई फिल्म The Dirty Picture का है। फिल्म में विद्या बालन और इमरान हाशमी प्रमुख भूमिकाओं में थे।

वीडियो Instagram और Facebook समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ। इसके बाद कई यूजर्स ने कार्यक्रम के संदर्भ और गाने के चयन को लेकर आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं दीं।

यहां एक अंतर महत्वपूर्ण है: वीडियो में डांस परफॉर्मेंस और दर्शकों की प्रतिक्रिया दिखाई देती है, लेकिन इसे लेकर सामने आई आपत्तियां सोशल मीडिया यूजर्स की राय हैं। उन्हें संस्थान या सभी दर्शकों की आधिकारिक राय नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर क्यों हुई आलोचना?

ऑनलाइन आलोचना का मुख्य कारण प्रस्तुति के लिए चुना गया गाना रहा। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का तर्क था कि Teachers’ Day जैसे अवसर और Academic Excellence Award Ceremony की प्रकृति को देखते हुए किसी दूसरे प्रकार की प्रस्तुति अधिक उपयुक्त होती।

कुछ प्रतिक्रियाओं में डांस को लेकर भी आपत्ति जताई गई। हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी प्रस्तुति को “अनुचित” या “आपत्तिजनक” कहना एक मूल्य-आधारित प्रतिक्रिया है, अपने आप में स्थापित तथ्य नहीं।

इसी कारण विवाद को केवल “छात्राओं ने गलत किया” जैसे निष्कर्ष के रूप में पेश करने के बजाय यह देखना जरूरी है कि बहस मूल रूप से कार्यक्रम के संदर्भ, गीत के चयन और सांस्कृतिक प्रस्तुति की सीमाओं को लेकर है।

Teachers’ Day और Academic Excellence Ceremony का संदर्भ

भारत में हर साल 5 सितंबर को Teachers’ Day मनाया जाता है। यह दिन पूर्व राष्ट्रपति और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

JBIT में हुई यह डांस प्रस्तुति केवल मनोरंजन कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि Teachers’ Day celebrations के तहत आयोजित Academic Excellence Award Ceremony का हिस्सा थी। यही संदर्भ सोशल मीडिया पर उठे सवालों का केंद्र बना।

वायरल वीडियो और वास्तविक विवाद में फर्क

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली घटनाओं में वीडियो अक्सर पूरे कार्यक्रम का एक छोटा हिस्सा दिखाते हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग में वायरल क्लिप और उसके बाद आई प्रतिक्रियाओं की जानकारी है, लेकिन इससे पूरे समारोह की प्रकृति या सभी उपस्थित लोगों की राय निर्धारित नहीं की जा सकती।

इसी तरह, ऑनलाइन आलोचना होने का अर्थ यह नहीं है कि कॉलेज के प्रत्येक शिक्षक, छात्र या अभिभावक ने प्रस्तुति पर आपत्ति जताई।

इस घटना से फिलहाल जो स्पष्ट है, वह यह है कि Teachers’ Day समारोह में चार छात्राओं ने ‘Ooh La La’ पर प्रस्तुति दी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके बाद कुछ यूजर्स ने गाने तथा प्रस्तुति के चयन की आलोचना की।

कॉलेज की प्रतिक्रिया पर स्थिति

उपलब्ध रिपोर्टों में JB Institute of Technology की ओर से इस विवाद पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं मिला है।

इसलिए कॉलेज प्रशासन की स्थिति, कार्यक्रम की प्रस्तुति को पहले से मंजूरी दी गई थी या नहीं, और वायरल वीडियो के बाद संस्थान ने कोई आंतरिक कदम उठाया या नहीं—इन बिंदुओं पर बिना आधिकारिक पुष्टि के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी बहसें

शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान लोकप्रिय बॉलीवुड गानों के इस्तेमाल को लेकर पहले भी विवाद सामने आए हैं।

अगस्त 2026 में NIT Durgapur में भी एक छात्र प्रस्तुति को एक प्रोफेसर द्वारा बीच में रोक दिए जाने की घटना चर्चा में आई थी।

ऐसे मामलों में अक्सर दो अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं। एक पक्ष कॉलेज कार्यक्रमों को छात्रों की रचनात्मकता और मनोरंजन के लिए खुला मंच मानता है, जबकि दूसरा पक्ष औपचारिक और स्मारक अवसरों पर कार्यक्रम की प्रकृति के अनुरूप सामग्री चुनने पर जोर देता है।

देहरादून की ताजा घटना में भी बहस इसी सीमा पर केंद्रित दिखाई देती है—छात्रों की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और औपचारिक शैक्षणिक कार्यक्रम के अनुरूप प्रस्तुति के बीच संतुलन कहां तय किया जाए।


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