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टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर ‘NEET PG पेपर लीक’ के दावों की बाढ़ — जानिए परीक्षा बोर्ड ने क्या कहा

NEET PG की तैयारी कर रहे किसी भी छात्र के लिए परीक्षा से ठीक पहले के दिन बेहद अहम होते हैं। महीनों की पढ़ाई, लगातार रिवीजन और बेहतर रैंक की उम्मीद के बीच जब सोशल मीडिया पर अचानक “पेपर लीक” जैसे दावे दिखाई देने लगें, तो चिंता होना स्वाभाविक है।

टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर ‘NEET PG पेपर लीक’ के दावों की बाढ़ — जानिए परीक्षा बोर्ड ने क्या कहा
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द्वारा जीत निर्मल

स्रोत: India Today

Telegram और Instagram पर आखिर चल क्या रहा है?

परीक्षा नजदीक आते ही सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट और ग्रुप सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, जो कथित NEET PG प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। कुछ मामलों में छात्रों को पैसे के बदले “लीक्ड पेपर” या पहले से प्रश्न उपलब्ध कराने जैसे ऑफर दिए जा सकते हैं।

लेकिन यहां एक बात समझना बेहद जरूरी है—सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट में ‘पेपर लीक’ लिख देने का मतलब यह नहीं कि वास्तव में प्रश्नपत्र लीक हो गया है।

यही वजह है कि उम्मीदवारों को वायरल स्क्रीनशॉट, Telegram मैसेज या Instagram पोस्ट देखकर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना चाहिए।

NBEMS की छात्रों से साफ अपील—ऐसे दावों से दूर रहें

NBEMS ने उम्मीदवारों को संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और पेपर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले लोगों से सावधान रहने को कहा है।

छात्रों को खास तौर पर ऐसे लोगों को पैसे भेजने से बचना चाहिए जो “100% असली पेपर”, “परीक्षा से पहले प्रश्न” या “गारंटीड लीक्ड पेपर” जैसी बातें कहकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

ऐसे ऑफर सिर्फ पैसे का नुकसान नहीं करा सकते, बल्कि उम्मीदवारों की निजी या भुगतान संबंधी जानकारी भी गलत हाथों में पहुंच सकती है।

महीनों की मेहनत के बीच एक वायरल मैसेज बढ़ा सकता है तनाव

NEET PG केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं है। मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए यह उनकी आगे की पढ़ाई और पसंदीदा स्पेशलिटी तक पहुंचने का महत्वपूर्ण रास्ता है।

कई उम्मीदवार महीनों तक लंबे स्टडी शेड्यूल, मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन के साथ इसकी तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा से कुछ दिन पहले पेपर लीक की कोई अपुष्ट खबर सामने आ जाए तो उसका असर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहता।

यह छात्रों का ध्यान भटका सकती है, अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती है और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर सकती है।

यही कारण है कि ऐसी खबरों को शेयर करने से पहले उनकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त को

NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जानी है। परीक्षा की तारीख करीब होने के कारण इस समय उम्मीदवारों के लिए अपनी तैयारी और अंतिम रिवीजन पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ऐसे समय में “पेपर मिल जाएगा”, “हमारे पास अंदर की जानकारी है” या “अभी भुगतान करें” जैसे मैसेज किसी छात्र को आसान रास्ता लग सकते हैं। लेकिन यही जल्दबाजी उसे धोखाधड़ी का शिकार भी बना सकती है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे फर्जी दावे

बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के आसपास इस तरह की अफवाहें नई नहीं हैं। NBEMS पहले भी उम्मीदवारों को पैसे के बदले आगामी परीक्षा के प्रश्न उपलब्ध कराने का दावा करने वाले Telegram चैनलों और संदिग्ध एजेंटों को लेकर सतर्क कर चुका है।

इसी तरह NEET से जुड़ी दूसरी परीक्षाओं के दौरान भी सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र बेचने या परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने जैसे दावे सामने आते रहे हैं।

इससे एक बड़ी चुनौती सामने आती है—परीक्षा की सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी छात्रों को ऑनलाइन गलत सूचना और स्कैम से बचाना भी है।

उम्मीदवार अभी क्या करें?

सबसे जरूरी बात है—घबराएं नहीं और किसी वायरल पोस्ट को तुरंत सच न मानें।

परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड, दिशा-निर्देश या किसी सुरक्षा संबंधी अपडेट के लिए केवल NBEMS के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। किसी अनजान Telegram या Instagram अकाउंट को पैसे या निजी जानकारी न दें।

अगर कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र बेचने या परीक्षा से पहले प्रश्न उपलब्ध कराने का दावा करता है, तो उस सामग्री को आगे फैलाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करना ज्यादा जिम्मेदार कदम होगा।

असली सवाल—क्या पेपर लीक हुआ है?

यहीं खबर और सोशल मीडिया अफवाह के बीच फर्क करना सबसे जरूरी हो जाता है।

ऑनलाइन “पेपर लीक” के दावे सामने आना और वास्तव में परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना दो अलग बातें हैं। किसी Telegram पोस्ट, स्क्रीनशॉट या Instagram मैसेज को अपने आप में वास्तविक पेपर लीक का सबूत नहीं माना जा सकता।

इसलिए जब तक सक्षम अथॉरिटी या जांच एजेंसी किसी वास्तविक लीक की पुष्टि न करे, तब तक ऐसे दावों को सावधानी और संदेह के साथ देखना चाहिए।

छात्रों का भरोसा बनाए रखना भी बड़ी जिम्मेदारी

NBEMS की चेतावनी छात्रों को संभावित धोखाधड़ी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन इस पूरे मामले का एक दूसरा पहलू भी है।

NEET PG जैसी हाई-स्टेक परीक्षा में उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखने के लिए परीक्षा संस्थाओं को तेजी से और स्पष्ट तरीके से जानकारी साझा करनी होती है। किसी अफवाह के वायरल होने पर समय पर स्पष्टीकरण छात्रों की चिंता कम करने में मदद कर सकता है।

साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने भी ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई की चुनौती है जो छात्रों की चिंता और परीक्षा के दबाव का फायदा उठाकर पैसा कमाने की कोशिश करते हैं।

फिलहाल छात्रों के लिए सबसे जरूरी संदेश

NEET PG की तैयारी करने वाले छात्रों ने इस परीक्षा तक पहुंचने के लिए महीनों मेहनत की है। परीक्षा से ठीक पहले किसी वायरल पोस्ट को उस मेहनत पर हावी होने देना शायद सबसे बड़ा नुकसान होगा।

सोशल मीडिया के शोर से ज्यादा भरोसा आधिकारिक सूचना पर करें। किसी “लीक्ड पेपर” के लालच में पैसे न दें और अपनी तैयारी पर ध्यान बनाए रखें।

आखिरकार एक संदिग्ध Telegram मैसेज कुछ मिनटों में वायरल हो सकता है, लेकिन डॉक्टर बनने की इस यात्रा के पीछे लगी मेहनत वर्षों की होती है।

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