इस घटना ने विदेशी पर्यटन स्थलों पर खरीदारी के दौरान होने वाली कथित ओवरचार्जिंग और कार्ड भुगतान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रकम जानबूझकर अधिक वसूली गई, भुगतान मशीन में कोई गड़बड़ी हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल मामला शिकायत और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
कैसे हुई 1,000 रुपये के सामान पर 75 हजार रुपये की कथित वसूली?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट द पटाया न्यूज के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे भारतीय पर्यटक पटाया सेकंड रोड पर एक हर्बल दुकान के सामने से गुजर रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और हर्बल उत्पाद खरीदने की पेशकश की। पर्यटक को उस उत्पाद की कीमत 380 बाट बताई गई।
बताई गई कीमत पर सहमति बनने के बाद पर्यटक ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया। शुरुआत में उसे लगा कि खरीदारी सामान्य तरीके से पूरी हो गई है, लेकिन बाद में जब उसने अपने कार्ड का ट्रांजैक्शन देखा तो उसे पता चला कि 27,600 बाट की रकम काटी गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 75 हजार रुपये बैठती है। बताई गई कीमत और कार्ड से काटी गई रकम के बीच बड़ा अंतर देखकर पर्यटक ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
पुलिस में शिकायत के बाद विक्रेता पक्ष से आया संपर्क
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पर्यटक ने पटाया सिटी पुलिस के सामने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद कथित तौर पर विक्रेताओं से जुड़े एक व्यक्ति ने पर्यटक से संपर्क किया।
उस व्यक्ति ने कथित रूप से पूरी रकम लौटाने की पेशकश की और इसके बदले खरीदे गए उत्पाद को वापस करने को कहा। हालांकि, उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में यह पुष्टि नहीं की गई है कि पर्यटक को वास्तव में पैसा वापस मिल गया या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विक्रेता की ओर से किया गया संपर्क किसी औपचारिक समझौते का हिस्सा था या निजी स्तर पर मामले को सुलझाने का प्रयास।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामले का समाधान हो चुका है। पुलिस जांच और भुगतान से जुड़े दस्तावेज ही यह स्पष्ट कर सकते हैं कि कार्ड से अधिक रकम कैसे काटी गई।
पटाया में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पटाया में पर्यटकों को हर्बल उत्पाद बेचने और उनकी कीमत को लेकर विवाद की शिकायतें पहले भी रिपोर्ट की जा चुकी हैं। द पटाया न्यूज की अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य भारतीय पर्यटक ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसे बाल दोबारा उगाने और घने करने का दावा करने वाला हर्बल उत्पाद बेचने की पेशकश की। पर्यटक के बयान के मुताबिक, उसने इसके लिए लगभग 43,000 भारतीय रुपये यानी करीब 14,799 बाट खर्च किए थे। बाद में उसे उत्पाद और उसकी कीमत पर संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ताजा मामले की रिपोर्ट में जनवरी 2026 में एक अन्य भारतीय पर्यटक की शिकायत का भी उल्लेख है। उस पर्यटक ने कथित तौर पर हर्बल उत्पादों के लिए 43,400 बाट चुकाने की बात कही थी। सितंबर 2026 में एक श्रीलंकाई पर्यटक ने भी इसी तरह के उत्पाद की बिक्री को लेकर अधिक रकम वसूले जाने की शिकायत की थी। हालांकि, इन सभी घटनाओं के बीच किसी संगठित गिरोह या साझा नेटवर्क का संबंध स्थापित होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है।
पर्यटकों को कैसे सावधान रहने की जरूरत है?
विदेश यात्रा के दौरान पर्यटक अक्सर स्थानीय मुद्रा, भाषा और दुकानों की भुगतान प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं होते। ऐसे में कम कीमत का आकर्षक प्रस्ताव मिलने पर वे तुरंत खरीदारी कर लेते हैं। लेकिन कार्ड से भुगतान करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक परेशानी पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों की सामान्य वित्तीय सुरक्षा सलाह के अनुसार, विदेशी दुकानों पर कार्ड से भुगतान करते समय कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है:
भुगतान से पहले रकम जांचें: कार्ड मशीन की स्क्रीन पर दिखाई गई राशि को ध्यान से पढ़ें।
स्थानीय मुद्रा समझें: थाईलैंड में कीमत बाट में होती है। भुगतान से पहले उसे भारतीय रुपये में समझ लें।
मशीन अपने सामने रखें: कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को देकर भुगतान न करवाएं। पूरी प्रक्रिया अपनी नजरों के सामने रखें।
रसीद जरूर लें: भुगतान के बाद कार्ड स्लिप और बैंक का मैसेज सुरक्षित रखें।
गलत रकम कटने पर तुरंत संपर्क करें: अपने बैंक को सूचना दें, जरूरत पड़ने पर कार्ड ब्लॉक करवाएं और ट्रांजैक्शन विवाद की प्रक्रिया शुरू करें।
शिकायत के लिए सबूत बचाएं: दुकान की पहचान, भुगतान का रिकॉर्ड और उपलब्ध बातचीत से जुड़े प्रमाण सुरक्षित रखें।
ये सावधानियां केवल थाईलैंड ही नहीं, बल्कि किसी भी विदेशी देश में खरीदारी करते समय उपयोगी हो सकती हैं।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
पटाया में भारतीय पर्यटक की शिकायत ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि पर्यटन क्षेत्रों में सामान बेचने वालों और कार्ड से भुगतान लेने वाली दुकानों की निगरानी कितनी प्रभावी है। यदि बताई गई कीमत से अलग बड़ी रकम वास्तव में काटी गई है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फिलहाल पर्यटक की ओर से लगाए गए आरोप, पुलिस में शिकायत और विक्रेता पक्ष की कथित रिफंड पेशकश ही इस घटना से जुड़ी प्रमुख जानकारियां हैं। रकम वापस मिलने और भुगतान में हुई गड़बड़ी की वास्तविक वजह पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले इसे साबित हो चुकी धोखाधड़ी कहना उचित नहीं होगा।
