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यश और कियारा आडवाणी की आने वाली फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ अपनी स्टारकास्ट के साथ-साथ पर्दे के पीछे की कहानियों को लेकर भी चर्चा में है। अब फिल्म की शूटिंग के दौरान कियारा की प्रेग्नेंसी और उनके प्रति यश की अतिरिक्त सतर्कता सुर्खियों में है।
कियारा ने अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी फिल्म की शूटिंग जारी रखी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शूटिंग की व्यवस्था में बदलाव किए गए और प्रोडक्शन को उनके लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई। जून 2025 में ऐसी खबरें आई थीं कि फिल्म के बचे हुए शूट का हिस्सा बेंगलुरु से मुंबई स्थानांतरित किया गया, ताकि कियारा को गर्भावस्था के दौरान ज्यादा सुविधा मिल सके।
कियारा की सुरक्षा को लेकर सतर्क थे यश
इस शूटिंग अनुभव से जुड़ी चर्चा में यश के व्यवहार को एक सह-कलाकार से आगे बढ़कर बेहद जिम्मेदार बताया जा रहा है। कियारा के गर्भवती होने के कारण वह उनकी गतिविधियों और सेट पर सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे थे। इसी वजह से उनके रवैये की तुलना मजाकिया अंदाज में ‘बॉडीगार्ड’ जैसी भूमिका से की गई है।
इस तरह की चिंता को केवल स्टार्स के बीच दोस्ती के नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं होगा। बड़े बजट की फिल्मों में लंबे शूटिंग शेड्यूल, अलग-अलग लोकेशन और चुनौतीपूर्ण दृश्यों के बीच कलाकारों की व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार काम का माहौल तैयार करना प्रोडक्शन मैनेजमेंट का भी अहम हिस्सा है।
प्रेग्नेंसी के दौरान कियारा ने जारी रखी शूटिंग
कियारा ने बाद में खुलासा किया था कि उन्होंने गर्भावस्था के दौरान भी Toxic पर काम किया। कठिन और भावनात्मक दृश्यों से पहले वह अपने होने वाले बच्चे से बात करके खुद को मानसिक रूप से तैयार करती थीं। उनके मुताबिक, प्रेग्नेंसी के बारे में शुरुआत में फिल्म से जुड़े सीमित लोगों को ही जानकारी थी।
यह अनुभव बताता है कि एक कलाकार के लिए निजी जीवन में बड़े बदलाव के साथ किसी चुनौतीपूर्ण फिल्म पर काम करना कितना जटिल हो सकता है। ऐसे में सेट पर सह-कलाकारों, निर्देशक और प्रोडक्शन टीम का सहयोग महत्वपूर्ण हो जाता है।
क्यों मायने रखती है यह कहानी?
फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की सुरक्षा, मातृत्व और काम के दौरान सुविधाओं को लेकर पिछले कुछ वर्षों में चर्चा बढ़ी है। कियारा की प्रेग्नेंसी के दौरान Toxic की शूटिंग और परिस्थितियों के मुताबिक किए गए बदलाव इस बहस को एक व्यावहारिक उदाहरण देते हैं।
यह मामला यह भी दिखाता है कि बड़े प्रोडक्शन में तय शेड्यूल के बावजूद कलाकारों की व्यक्तिगत जरूरतों के मुताबिक बदलाव संभव हैं। हालांकि किसी एक फिल्म के अनुभव को पूरी इंडस्ट्री का मानक नहीं माना जा सकता, लेकिन ऐसे उदाहरण सुरक्षित और सहयोगपूर्ण कार्यस्थल की अहमियत जरूर रेखांकित करते हैं।
‘Toxic’ में दमदार स्टारकास्ट
गीतू मोहनदास निर्देशित ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ में यश और कियारा आडवाणी के साथ नयनतारा, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया जैसे कलाकार भी जुड़े हैं। कियारा फिल्म में नादिया की भूमिका निभा रही हैं और उन्होंने इस किरदार को अपने करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक बताया है।
संतुलित विश्लेषण
यश और कियारा की यह पर्दे के पीछे की कहानी फिल्म के प्रचार से अलग एक महत्वपूर्ण पहलू सामने लाती है—काम के दौरान सहकर्मियों की परिस्थितियों को समझना। किसी बड़े स्टार द्वारा सहयोगी कलाकार की सुविधा और सुरक्षा पर ध्यान देना सकारात्मक संदेश देता है।
साथ ही, गर्भवती कलाकार की सुरक्षा केवल किसी सह-कलाकार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। सुरक्षित शूटिंग व्यवस्था, उचित आराम और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना पूरे प्रोडक्शन सिस्टम की जिम्मेदारी है। इसी व्यापक संदर्भ में Toxic से जुड़ा यह अनुभव अधिक महत्वपूर्ण बन जाता है।
