मैनपुरी, उत्तर प्रदेश। सड़क किनारे खड़ी कार अगर अचानक खुद चलने लगे और कुछ देर बाद पीछे की ओर दौड़ पड़े, तो आसपास मौजूद लोगों की घबराहट का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। शहर के जेल रोड इलाके में खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार अचानक आगे बढ़ गई और बाद में पीछे की ओर चलते हुए दूसरी कार से टकरा गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, कार के इस तरह चलने से उसकी सुरक्षा व्यवस्था और अचानक हुई गतिविधि के कारणों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
CCTV फुटेज में क्या दिखाई दिया?
मामला मैनपुरी के जेल चौराहे के पास स्थित एक नर्सरी के बाहर का बताया जा रहा है। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक कार वहां खड़ी थी और कुछ युवक उसके आसपास मौजूद थे।
सीसीटीवी फुटेज में कार के पास तीन युवक नजर आते हैं। इनमें से दो वाहन की सफाई करते दिखाई देते हैं, जबकि एक युवक चालक की सीट की ओर मौजूद था। इसी दौरान कार अचानक आगे बढ़ने लगी।
कार की अप्रत्याशित गतिविधि से वहां मौजूद लोग घबरा गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वाहन के चलते समय चालक की सीट पर कोई व्यक्ति नजर नहीं आ रहा था।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि आखिर बिना किसी चालक के कार इस तरह कैसे चल सकती है।
कार मालिक ने बताया पूरा घटनाक्रम
India Today की 19 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वाहन मालिक की पहचान सौरभ राठौर के रूप में हुई है।
राठौर का कहना है कि घटना के समय वह अपने कार्यालय में थे। उनके भतीजे ने कार को सफाई के लिए बाहर निकाला था। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस समय वाहन अचानक चलने लगा, उस समय उसकी चाबी कार में मौजूद नहीं थी।
मालिक के अनुसार, कार पहले आगे बढ़ी और इस दौरान उनका भतीजा गिर गया। इसके बाद गाड़ी पीछे की ओर चलने लगी।
सौरभ राठौर ने घटना को गंभीर बताते हुए वाहन में तकनीकी खराबी होने की आशंका जताई है। हालांकि, उनका संदेह अभी किसी आधिकारिक तकनीकी जांच से प्रमाणित नहीं हुआ है।
20 से 25 मिनट बाद पीछे आई कार, दूसरी गाड़ी से टक्कर
इस घटना के बारे में लाइव हिन्दुस्तान की 18 अक्टूबर की स्थानीय रिपोर्ट में कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार अचानक आगे बढ़ते हुए जेल चौराहे के पास बने पुल की चढ़ाई तक पहुंच गई थी। लगभग 20 से 25 मिनट बाद वाहन पीछे की ओर आया और नीचे खड़ी दूसरी कार से टकराकर रुक गया।
इस दौरान तीन युवक बाल-बाल बच गए। हादसे में इलेक्ट्रिक कार की आगे की हेडलाइट और चालक की ओर वाला दरवाजा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में आगे बढ़ने और वापस आने के घटनाक्रम का विवरण पूरी तरह एक जैसा नहीं है। इसलिए वाहन की सटीक गतिविधि और उसकी समयरेखा स्पष्ट करने के लिए पूरी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग तथा तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
क्या इलेक्ट्रिक कार में तकनीकी खराबी थी?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कार बिना चालक के क्यों चलने लगी।
वाहन मालिक ने तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई है, लेकिन फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि समस्या वाहन के सॉफ्टवेयर, गियर नियंत्रण, ब्रेकिंग सिस्टम या किसी अन्य कारण से पैदा हुई।
यह समझना भी जरूरी है कि किसी कार का चालक के बिना आगे या पीछे चलना अपने आप में उसके स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम के सक्रिय होने का प्रमाण नहीं है।
वाहन का गियर किस स्थिति में था, पार्किंग ब्रेक लगा हुआ था या नहीं, और जिस स्थान पर कार खड़ी थी वहां सड़क की ढलान कैसी थी—ये सभी बातें कारण निर्धारित करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
इसलिए केवल वायरल वीडियो देखकर किसी विशेष तकनीकी खराबी के लिए वाहन निर्माता को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।
कंपनी से शिकायत और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
घटना के बाद सौरभ राठौर ने संबंधित वाहन निर्माता कंपनी से शिकायत करने की बात कही है।
उन्होंने संकेत दिया है कि यदि मामले का समाधान नहीं निकलता, तो वह अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
हालांकि, 19 अक्टूबर तक उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में कंपनी की ओर से किसी विस्तृत आधिकारिक तकनीकी निष्कर्ष की जानकारी नहीं मिली है।
यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि वाहन का औपचारिक तकनीकी निरीक्षण पूरा किया गया है या नहीं।
ऐसे मामले में वाहन की सर्विस हिस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और संबंधित नियंत्रण प्रणालियों की जांच से वास्तविक कारण समझने में मदद मिल सकती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर क्यों उठे सवाल?
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। कम परिचालन खर्च और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने जैसे कारणों से इन्हें परिवहन के विकल्प के रूप में देखा जाता है।लेकिन किसी भी वाहन में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, चाहे वह इलेक्ट्रिक हो या पारंपरिक इंजन वाला।
मैनपुरी की घटना पूरे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की सुरक्षा को लेकर किसी व्यापक निष्कर्ष का आधार नहीं बन सकती। फिर भी यह जरूर दिखाती है कि वाहन की अप्रत्याशित गतिविधि को गंभीरता से जांचना क्यों आवश्यक है।आधुनिक कारों में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां काम करती हैं। ऐसे में किसी घटना का कारण तय करने के लिए अनुमान के बजाय तकनीकी साक्ष्यों पर भरोसा करना जरूरी है।
बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल अभी बाकी
इस पूरी घटना में सबसे राहत देने वाली बात यह है कि किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
फिर भी सोचने वाली बात है कि यदि वाहन के पीछे बच्चे, बुजुर्ग या बड़ी संख्या में लोग मौजूद होते, तो स्थिति कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकती थी।कार मालिक ने भी इस संभावना पर चिंता व्यक्त की है।अब जरूरी है कि घटना की वास्तविक वजह सामने आए और यह स्पष्ट हो कि वाहन किन परिस्थितियों में आगे और पीछे चला।
फिलहाल मैनपुरी का वायरल वीडियो एक असामान्य और चिंताजनक घटना का दस्तावेज है, लेकिन तकनीकी खराबी का निर्णायक प्रमाण नहीं। आधिकारिक जांच और वाहन निर्माता की प्रतिक्रिया के बाद ही इसके कारण तथा जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
